मकान सम्पति की आय से सम्बंधित महत्वपूर्ण बातें


हेलो दोस्तों।

आज हम मकान सम्पति की आय से सम्बंधित महत्वपूर्ण बातों के बारे में जानेंगे।


मकान सम्पतियाँ के बारे में तो मैंने आपको इससे पहले वाले पोस्ट में बताया है जिसके बारे में आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते है ;




मकान सम्पति की आय से सम्बंधित महत्वपूर्ण बातें
मकान सम्पति की आय से सम्बंधित महत्वपूर्ण बातें




अब मकान सम्पति की आय के सम्बंध में कुछ बातों के बारे में जानेंगे -

1. विदेश में स्थित मकान सम्पति की आय - विदेश में स्थित मकान सम्पति की आय, केवल निवासी के लिए कर योग्य है तथा उस पर मकान सम्पति से आय के शीर्षक में कर लगेगा। उसका वार्षिक मूल्य भी उसी प्रकार निर्धारित होगा जैसे कि वह सम्पति भारत मे स्थित है।


2. दो या दो से अधिक व्यक्तियो का किसी मकान सम्पति का मालिक होना - यदि या दो से अधिक व्यक्ति एक ही मकान सम्पति के मालिक हो और प्रत्येक का अंश निश्चित हो तो प्रत्येक सहस्वामी को अपने हिस्से की आय पर कर देना होगा। यदि किसी सह स्वामी द्वारा अपना हिस्सा स्वयं के रहने में प्रयोग हो रहा है तो मकान का यह हिस्सा पूर्ण रूप से कर मुक्त होगा।


3. शिकमी किरायेदार से प्राप्त किराया - यदि एक किरायेदार ने एक किराए पर लिए हुए मकान में कोई शिकमी किरायेदार रख लिया है तो उससे प्राप्त किराए की रकम अन्य साधनों से आय शीर्षक में करयोग्य होगी।


4. कर्मचारियो से प्राप्त किराया - करदाता द्वारा अपने व्यापार के कर्मचारियो को व्यापार के हित मे वहां रहने के लिए दिए गए मकान से प्राप्त किराया व्यापार की आय मानी जायेगी।


5. व्यापार की सुविधा या सुरक्षा के लिए किराए पर उठाई गई सम्पतियों से प्राप्त किराया - करदाता अपने व्यापार के संचालन में सुविधा के लिए या व्यापार की सुरक्षा के लिए कोई मकान सम्पति किसी को किराए पर उठाता है तो ऐसी सम्पति से प्राप्त किराया एवं व्यय व्यापार शीर्षक के अंदर आएंगे।


6. पेइंग गैस्ट रखने से आय - पेइंग गैस्ट से किराए की आय अन्य साधनों से आय मानी जाती है।


7. संयुक्त किराया - जब मकान का स्वामी किसी व्यक्ति को अपना मकान किराए पर देने के साथ कुछ अन्य सुविधाएं भी देता है। और सबका एक संयुक्त किराया लेता है तो मकान के किराए को इन सुविधाओं के किराए से पृथक करके केवल मकान का किराया मकान सम्पति से आय के शीर्षक में कर योग्य होता है। अन्य सुविधाओं के किराए की आय अन्य साधनों से आय या व्यापार से आय के शीर्षक में करयोग्य होती है। यदि ऐसा किराया पृथक न किया जा सके तो यह मिश्रित आय अन्य साधनों से आय शीर्षक में आयेगी।



वार्षिक मूल्य (Annual Value)


किराए पर दिया गया मकान

(क) वह रकम जितने में वह माकन प्रति वर्ष उचित रूप से किराए पर उठाया जा सकता है, या

(ख) यदि मकान या उसका कोई भाग किराए पर उठा हुआ है

(ग) यदि मकान या उसका कोई भाग किराए ओर उठा हुआ है और वह पूरे गत वर्ष या गत वर्ष में कुछ अवधि के लिए खाली रहता है और खाली रहने के कारण वास्तविक प्राप्त या प्राप्य किराया।


वार्षिक मूल्य का निर्धारण

नगरपालिका कर - यदि मकान पर नगरपालिका द्वारा कोई कर लगाया जाता है तो मालिक द्वारा वहन की गई रकम उस मकान के सकल वार्षिक मूल्य में से हटाकर बची हुई राशि उसका वार्षिक मूल्य होगी। नगरपालिका कर उस गत वर्ष में घटाए जायँगे जिसमे उनका वास्तव में भुगतान हुआ हो चाहे वे चालू वर्ष से सम्बंधित हो चाहे अन्य किसी गत वर्ष से।


सम्भावित किराए का निर्धारण

(अ) ऐसे मकान जो किराया नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत नही आते है - निम्न में से जो राशि अधिक होगी वह संभावित किराया माना जायेगा :

(i) नगरपालिका कर - यह मकान सम्पति पर कर लगाने के लिए स्थानीय सत्ता द्वारा निर्धारित किया जाता है।

(ii) उचित किराया - इससे तातपर्य उस राशि से है जो उसी स्थान में उसी प्रकार के मकान से अन्य मकान मालिक प्राप्त कर रहे है।

(iii) ऐसे मकान जो किराया नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत आते है - किराया नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित किराया मानक किराया कहलाता है। निम्न में से जो राशि कम होगी वह सम्भावित किराया मानी जाएगी :

(i) (अ) में निर्धारित राशि या

(ii) राज्य के किराया नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित किराया। 


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