अपनी आवाज को कैसे सुधारें


हेलो दोस्तों।

आज के पोस्ट में हम ये जानेंगे कि अपनी आवाज को किस प्रकार सुधारा जा सकता है चलो समझते हैं।


अपनी आवाज का सुधार कैसे करें ? (How to Improve Your Voice)

सार्वजनिक भाषण का सबसे महत्वपूर्ण घटक आपकी आवाज की ध्वनि है। इसका आपके सन्देश पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे आपका भाषण सफल भी हो सकता है और असफल भी। सौभाग्य से अच्छी आवाज के गुण को निम्नलिखित तरीके से सीखा जा सकता है :

1. अपने डायफ्राम से सांस लें - लम्बे और नियंत्रित सांस छोड़ने का अभ्यास करें। बोलते समय अपनी बात को विराम देने के लिए सांस लें। जैसे कि प्रत्येक वाक्य बोलने के बाद थोड़ा सांस लें, चाहे इसके लिए आपको जरूरत है या नही। इस रुकने के अवसर से श्रोताओं को भी वक़्ता द्वारा कही गई बातों पर मनन करने का अवसर मिलेगा।



How to Improve Your Voice in Hindi
How to Improve Your Voice in Hindi



2. सुर का प्रयोग करें - आवाज या सुर जितना नीचा होता है उतना ही सुनने में अच्छा लगता है। परंतु अपनी किसी बात पर बल देने के लिए सुर में परिवर्तन करने से श्रोता आपसे जुड़े रहते है। अपने सुर को विकसित करने के लिए गुंजार करने का अभ्यास करें।


3. अपनी रफ्तार को हल्का या मर्यादित बनाएं - इसका सांस से निकट सम्बन्ध है। अत्यधिक जल्दी बोलने से या धीरे बोलने से लोग आपके साथ सामंजस्य नही स्थापित कर पाते और सुनने की रुचि को कायम नही रख पाते। यदि आप अपनी रफ्तार में परिवर्तन करना चाहते हैं तो अपनी प्रस्तुति को रिकॉर्ड करें। लोगों से इसकी पुष्टि करें।


4. स्पष्ट उच्चारण करना - अपने बुदबुदाने को कम करने के लिए अपने होंठों को बढ़ाएं चढ़ाएं। सुस्पष्ट उच्चारण करने के लिए अपनी जीभ को मरोड़ने का अभ्यास करें और खुद ध्वनि को बढ़ाएं चढ़ाएं। स्पष्ट उच्चारण में जितनी जल्दी हो सके निपुण बनें। जहां अधिक कठिनाई हो वहां ज्यादा ध्यान दें।


5. अपने भाषण का पहले ही अभ्यास करें और निर्णय करें कि सांस लेने के लिए आपको कहाँ रुकना है - अधिक बल या प्रमुखता के लिए, एक सांस में एक से अधिक विराम लें। अपने नोट्स में सांस लेने वाले बिंदुओं को चिन्हित करें।


6. शुरू करने से पहले अपने अंदर ढीलापन लाएं - इधर उधर चारों और देखें। अपने सिर को आधा घुमाएं और अपने कंधों को पीछे ले जाए। अपनी पसलियों को इधर उधर घुमाएं। सीधे खड़े हो जाएं। अपने शरीर को आप पूरी तरह से ढीला कर अपने पैर के अंगूठे को छुएं, फिर धीरे धीरे खड़े हो जाए फिर समय के अनुसार अंत मे अपने सिर को हिलाए। यह क्रिया बार बार दोहराएं।


7. बोलने के विभिन्न तरीकों का प्रयोग करते हुए अपनी आवाज को बार बार रिकॉर्ड करें - बोलने के विभिन्न तरीकों का प्रयोग करते हुए अपनी आवाज को रिकॉर्ड करके यह निर्णय ले कि कौन सा तरीका प्रभावपूर्ण या प्रसन्न करने वाला है।


8. सांस नियंत्रण का अभ्यास करें - गहरे सांस ले और जब अंदर की और सांस लेते है तब 10 की गिनती करे। जैसे आप गिनती कर रहे है अपनी प्रबलता को बढ़ाएं, अपनी मांसपेशी का प्रयोग करें। अपने गले की नही बल्कि अपने कंठ को कसने न दें। 

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