Restrictions on Appointment of Managing Director in hindi



हेलो दोस्तों।

आज के पोस्ट में हम प्रबन्ध संचालक की नियुक्ति पर प्रतिबन्ध के बारे में जानेंगे।


प्रबन्ध संचालक की नियुक्ति पर प्रतिबंध (Restrictions on Appointment of Managing Director)

कंपनी अधिनियम में यह प्रावधान है कि एक सार्वजनिक कंपनी तथा एक निजी कंपनी जो एक सार्वजनिक कंपनी की सहायक है किसी व्यक्ति को उसके प्रबन्ध संचालक के रूप में नियुक्त या नियोजित कर सकेगी अगर वह किसी एक अन्य कंपनी का, न कि एक से अधिक कंपनी का प्रबन्ध संचालक या प्रबन्धक है। परन्तु यह नियुक्ति बोर्ड द्वारा बोर्ड की सभा मे उपस्थिति सभी संचालकों की सहमति से पारित प्रस्ताव द्वारा की जाएगी।




Restrictions on Appointment of Managing Director in hindi
Restrictions on Appointment of Managing Director in hindi




प्रबन्ध संचालक के रूप में नियुक्ति का अनुमोदन करते समय या नियुक्ति पर रोक लगाते समय बोर्ड को अपनी सभा मे यह निर्धारित करना पड़ता कि नियुक्त होने वाला प्रस्तावित व्यक्ति एक उचित एवं उपयुक्त व्यक्ति है तथा बोर्ड अनुमोदन करने से इनकार कर सकता है अगर इस प्रकार नियुक्त किए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कोई कानूनी कार्यवाही लंबित है। बोर्ड को ऐसी शर्तों पर नियुक्ति करने की शक्ति भी है जिन्हें वह उचित समझे।


प्रबन्ध संचालक की नियुक्ति से सम्बन्धित अनुबन्ध कंपनी के पंजिकृत कार्यालय में रखा जाएगा तथा कंपनी के सदस्यों को इसके निशुल्क निरीक्षण तथा सारांश लेने का उसी प्रकार अधिकार होगा जैसा कि कंपनी के सदस्यों के रजिस्टर के सम्बंध में होता है। प्रबन्ध संचालक की नियुक्ति की शर्तों तथा उसमे किए गए परिवर्तनों का सारांश कंपनी के सदस्यों को भेजना होता है।


प्रबन्ध संचालक की नियुक्ति के सम्बंध में कंपनी के सदस्यों की सहमति आवश्यक नही है परन्तु पूर्णकालिक संचालक की नियुक्ति केवल कंपनी को व्यापक सभा मे विशेष प्रस्ताव द्वारा सदस्यों की सहमति से की जा सकती है।



अयोग्यताएँ (Disqualifications) : धारा 196 कर अनुसार प्रबन्ध संचालकों पर भी वे सभी योग्यताएं लागू होती है जोकि संचालकों पर लागू होती है। लेकिन कोई भी कंपनी निम्नलिखित व्यक्तियों को प्रबन्ध संचालक नियुक्त नही कर सकती -

1. जो व्यक्ति अमुक्त दिवालिया हो।

2. जो व्यक्ति अपने ऋणदाताओं के भुगतान को रोक लेता है या स्थगित कर देता है।

3. जो न्यायालय द्वारा किसी नैतिक अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो।

ये अयोग्यताएँ पूर्णकालिक संचालक की नियुक्ति पर भी समान रूप से लागू होती है।


इन सभी अयोग्यताओं को छोड़कर किसी भी व्यक्ति की नियुक्ति प्रबन्ध संचालक के रूप में जा सकेगी। बशर्तें की वह किसी अन्य कंपनी में प्रबन्ध संचालक या प्रबन्धक का पद नही धारण किए हुए हैं। परन्तु एक व्यक्ति जो किसी एक अन्य दूसरी कंपनी में ऐसा पद धारण किए हुए है, सभा मे उपस्थित सभी संचालकों की सहमति से प्रबन्ध संचालक नियुक्त किया जा सकता है जबकि सभा की तथा उसमें लाए जाने वाले प्रस्ताव की विशिष्ट सूचना भारत मे तब सभी संचालकों को दे दी गई हो। 

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