ख्याति के मूल्यांकन की विधियाँ


हेलो दोस्तों।

आज हम ख्याति के मूल्यांकन की विधियों के बारे में समझेंगे।


ख्याति के मूल्यांकन की विधियाँ (Methods of Valuation of Goodwill)

ख्याति एक अदृश्य सम्पत्ति होती है अतः इसका उचित मूल्य ज्ञात करना एक मुश्किल कार्य होता है। व्यवसाय के विक्रय की दशा में इसका मूल्य क्रेता तथा विक्रेता कर आपसी ठहराव पर निर्भर करता है। ख्याति के मूल्यांकन की निम्न विधियां प्रचलित है :

1. औसत लाभ विधि (Average Profit Method)

2. अधि लाभ विधि (Super Profit Method)

3. अधिलाभ पंजीकरण विधि (Capitalisation of Super Profit Method)


1. औसत लाभ विधि - ये ख्याति के मूल्यांकन की एक सरल एवं व्यावहारिक विधि है। इस विधि में ख्याति का मूल्यांकन कुछ गत वर्षों के लाभों और औसत को एक निश्चित संख्या (जैसे तीन वर्षों के क्रय के बराबर या चार वर्षों के क्रय के बराबर आदि) से गुणा करके किया जाता है

सूत्र :-

Value of Goodwill = Average Profit × Number of Years of Purchase)




Methods of Valuation of Goodwill in Hindi
Methods of Valuation of Goodwill in Hindi




इस विधि में गत वर्षों का औसत लाभ ज्ञात करना पड़ता है। इस लाभ को निकालने का उद्देश्य यह जानना होता है कि भविष्य में व्यवसाय में कितने अनुमानित लाभ सामान्यतः होंगे। अतः पिछले प्रत्येक वर्ष के वास्तविक लाभों में निम्न समायोजन करने के बाद ही औसत लाभ निकालना चाहिए :-

(i) वर्ष की असाधारण आय को सम्बन्धित वर्ष की आय में से कम कर देना चाहिए।


(ii) वर्ष की असाधारण हानि को सम्बन्धित वर्ष की आय में जोड़ देना चाहिए। ।


(iii) विनियोगों की आय को सम्बन्धित वर्ष की आय में से कम कर देना चाहिए क्योंकि यह आय व्यवसाय की सामान्य व्यावसायिक आय नही है।



2. अधि लाभ विधि - इस विधि में यह देखा जाता है कि इसी प्रकार के अन्य व्यवसायों की तुलना में हमारी फर्न में कितने लाभ हो रहे हैं। अन्य फर्मों की तुलना में हमारी फर्म में जितने अधिक लाभ हो रहे है, उन्ही लाभों को अधि लाभ कहते है और इन्ही अधिलाभों के आधार पर ख्याति की गणना होती है।

जैसे कि यदि व्यवसाय में हमारी जैसी अन्य फर्मों में 15 % लाभ हो रहे है और हमारी फर्म में 1,00,000 ₹ की नियोजित पूंजी पर 25,000 ₹ लाभ हो रहे है। तो सामान्य लाभ 1,00,000 ₹ पर 15 % = 15,000 ₹ होने चाहिए जबकि वास्तविक लाभ 25,000 ₹ हो रहे है। अतः 25,000  - 15,000  = 10,000 ₹ अधिलाभ हुए। अधिलाभों को एक निश्चित संख्या से गुणा करके ख्याति का मूल्यांकन किया जाता है जैसे दो वर्षीय क्रय का तीन वर्षीय क्रय आदि।



3. अधि लाभ पूंजीकरण विधि - इस विधि में पहले अधिलाभ ज्ञात कर लिए जाते है तथा फिर यह ज्ञात करते है कि सामान्य प्रतिफल की दर से इन अधिलाभों को अर्जित करने के लिए कितनी पूंजी की जरूरत होगी। यही पूंजी वास्तव में ख्याति की राशि है। इसके लिए निम्न सूत्र का प्रयोग किया जाता है :-

Goodwill = Super Profit × 10 / Normal Rate of Return

अधिलाभ उसी प्रकार ज्ञात किए जाएंगे जिस प्रकार अधिलाभ विधि में ज्ञात किए जाते थे। 

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